भारतीय संगीत की अमर आवाज़ आशा भोसले को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 92 वर्षीय दिग्गज गायिका को भीषण थकान और सीने के संक्रमण के चलते अस्पताल ले जाना पड़ा। यह ख़बर सुनते ही पूरे देश में उनके करोड़ों चाहने वालों की दुआओं का सिलसिला शुरू हो गया है। आशा जी सिर्फ़ एक गायिका नहीं, वो भारतीय सिनेमा और संगीत की आत्मा हैं — उनकी आवाज़ ने पीढ़ियों के दिलों में घर बनाया है।
उनकी पोती और गायिका ज़नाई भोसले ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि आशा जी का इलाज जारी है और परिवार सकारात्मक अपडेट देने की उम्मीद रखता है। ज़नाई ने लोगों से परिवार की निजता का सम्मान करने की भी अपील की। यह सुनकर राहत मिलती है कि उन्हें सबसे अच्छी चिकित्सा सुविधा मिल रही है, लेकिन 92 साल की उम्र में किसी भी स्वास्थ्य समस्या को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
आशा भोसले का संगीत सफ़र 1943 से शुरू हुआ जब उन्होंने मराठी फ़िल्म "मझा बाल" के लिए अपना पहला गाना गाया। तब से लेकर आज तक उन्होंने हज़ारों गाने गाए हैं — "पिया तू अब तो आजा" जैसे मस्ती भरे नंबर से लेकर "दिल चीज़ क्या है" जैसे दिल छू लेने वाले ग़ज़ल तक। दो बार राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार, दादासाहेब फाल्के पुरस्कार और पद्म विभूषण से सम्मानित आशा जी ने साबित किया है कि संगीत की कोई उम्र नहीं होती।
2023 में अपने 90वें जन्मदिन पर उन्होंने दुबई में तीन घंटे का लाइव कॉन्सर्ट दिया था और कहा था — "मेरे लिए संगीत मेरी सांस है।" 2024 में उन्होंने करण औजला का "तौबा तौबा" गाकर इंटरनेट तोड़ दिया था। यही उनकी ख़ासियत है — उम्र सिर्फ़ एक अंक है, जुनून अनंत है। पूरा देश दुआ करता है कि आशा जी जल्द स्वस्थ हों और एक बार फिर अपनी सुरीली आवाज़ से हमारे दिल जीतें।