உत்தரப் பிரதேசத்தின் மதுரா மாவட்டத்தில் உள்ள வृंदावन में शुक्रवार दोपहर करीब 2:45 बजे एक भयंकर नाव हादसा हुआ। लुधियाना के जगराओं से बांके बिहारी क्लब द्वारा आयोजित तीर्थयात्रा पर आए 150 श्रद्धालुओं में से लगभग 30 लोगों को लेकर एक स्टीमर यमुना नदी में केसी घाट से रवाना हुआ था। तेज़ हवा के कारण नाव बीच धारा में डगमगाने लगी, उसकी रफ़्तार बढ़ गई और वह पोंटून पुल से जा टकराई, जिससे नाव पूरी तरह पलट गई।
प्रशासन के अनुसार अब तक 10 शव बरामद किए गए हैं जिनमें छह महिलाएँ और चार पुरुष शामिल हैं। 10 से अधिक यात्री अभी भी लापता बताए जा रहे हैं जिससे मृतक संख्या और बढ़ने की आशंका है। करीब 15 लोगों को स्थानीय गोताखोरों और SDRF की टीम ने ज़िंदा बचाया और रामकृष्ण मिशन अस्पताल भेजा गया जहाँ मुफ़्त इलाज की व्यवस्था की गई है। NDRF की टीम भी मौक़े पर पहुँच गई है और 50 से अधिक गोताखोर तलाशी अभियान में जुटे हैं।
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब वृंदावन में तीर्थयात्रा का मौसम चरम पर है। स्थानीय नाव संचालकों पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं — प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग बैठाए गए थे और जीवन रक्षक जैकेट की व्यवस्था नहीं थी। ज़िला प्रशासन ने जाँच के आदेश दिए हैं और नाव मालिक के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने मृतकों के परिवारों को मुआवज़े की घोषणा की है।