सोमवार को भारतीय शेयर बाज़ार में ज़बरदस्त गिरावट दर्ज की गई। BSE सेंसेक्स 800 अंक गिरकर 72,300 पर और NSE निफ्टी 250 अंक टूटकर 21,900 पर बंद हुआ। इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में एक ही दिन में 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई। बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा चीन पर 125% टैरिफ़ लगाने की घोषणा और ईरान की नौसैनिक गतिविधियों ने बाज़ार में डर का माहौल बना दिया।
सबसे ज़्यादा गिरावट IT सेक्टर में दिखी — TCS 3.8%, इन्फोसिस 4.2% और विप्रो 3.5% गिरे। बैंकिंग सेक्टर में HDFC बैंक 2.1% और SBI 2.8% नीचे आए। ऑटो सेक्टर में टाटा मोटर्स 4% और मारुति 2.5% गिरे। हालांकि FMCG और फार्मा सेक्टर में कुछ स्थिरता देखी गई। विदेशी निवेशकों (FII) ने आज 3,200 करोड़ रुपये की बिकवाली की।
RBI गवर्नर ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मज़बूत है और निवेशकों को घबराने की ज़रूरत नहीं। वित्त मंत्रालय ने भी बयान जारी कर कहा कि सरकार बाज़ार पर नज़र रख रही है। विश्लेषकों का कहना है कि अगले कुछ दिन बाज़ार के लिए महत्वपूर्ण होंगे और निवेशकों को धैर्य रखना चाहिए।