दुबई का रियल एस्टेट बाज़ार भारतीय निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा विदेशी गंतव्य बन गया है। 2026 की पहली तिमाही में भारतीय खरीदारों ने दुबई में ₹50,000 करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टी ख़रीदी है, जो पिछले साल की समान अवधि से 35% अधिक है। दुबई लैंड डिपार्टमेंट के आँकड़ों के अनुसार भारतीय लगातार दूसरे साल दुबई में सबसे बड़े विदेशी प्रॉपर्टी ख़रीदार बने हुए हैं।
दुबई सरकार ने गोल्डन वीज़ा और रिटायरमेंट वीज़ा जैसी योजनाओं से भारतीय निवेशकों को आकर्षित किया है। ₹1.5 करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टी ख़रीदने पर 10 साल का गोल्डन वीज़ा मिलता है। दुबई में टैक्स-फ़्री इनकम, विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और भारत से सिर्फ़ 3 घंटे की उड़ान इसे और आकर्षक बनाते हैं। बिज़नेस बे, डाउनटाउन और जुमेरा सबसे लोकप्रिय इलाक़े हैं।
हालांकि, RBI ने भारतीय नागरिकों को विदेश में प्रॉपर्टी ख़रीदने से पहले LRS (Liberalized Remittance Scheme) के नियमों का पालन करने की चेतावनी दी है। वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि दुबई में निवेश करने से पहले टैक्स इम्प्लिकेशन्स समझना ज़रूरी है।