अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को चीन से आयात होने वाले सभी सामान पर 125% टैरिफ़ लगाने की घोषणा की। यह फ़ैसला पहले से लागू 54% टैरिफ़ के ऊपर अतिरिक्त है। ट्रंप ने कहा कि "चीन अमेरिका के साथ अनुचित व्यापार करता रहा है और अब यह ख़त्म होगा।" व्हाइट हाउस से जारी बयान में कहा गया कि नई दरें 15 अप्रैल से लागू होंगी।
इस घोषणा के बाद वॉल स्ट्रीट में भारी बिकवाली हुई। डॉव जोन्स 1200 अंक गिरा, नैस्डैक 4% और एसएंडपी 500 में 3.5% की गिरावट आई। एशियाई बाज़ारों में भी असर दिखा — भारतीय सेंसेक्स 800 अंक टूटा और निफ्टी 22,000 के नीचे आ गया। चीनी युआन डॉलर के मुक़ाबले अपने सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह 2018 के व्यापार युद्ध से भी बड़ा संकट बन सकता है।
भारत पर इसका मिला-जुला असर पड़ सकता है। एक ओर जहाँ चीनी सामान महँगा होने से भारतीय निर्यातकों को फ़ायदा हो सकता है, वहीं वैश्विक मंदी की आशंका से आईटी और फार्मा सेक्टर पर दबाव बढ़ सकता है। भारतीय वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि वह स्थिति पर नज़र रख रहा है और ज़रूरत पड़ने पर भारतीय उद्योगों की रक्षा के लिए कदम उठाएगा।