केरल टूरिज़्म ने 2026 की पहली तिमाही में ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। राज्य में 25 लाख अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक आए, जो पिछले साल की समान अवधि से 40% अधिक है। इसके अलावा 1.2 करोड़ घरेलू पर्यटक भी आए। मुन्नार, अलप्पुज़ा बैकवॉटर, कोवलम बीच और वायनाड सबसे लोकप्रिय गंतव्य रहे। केरल सरकार की "God's Own Country 2.0" कैम्पेन को इसका श्रेय दिया जा रहा है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि केरल ने आयुर्वेदिक वेलनेस टूरिज़्म पर ख़ास ध्यान दिया है जिससे यूरोप और खाड़ी देशों से पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। कोच्चि अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर 15 नई अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शुरू हुई हैं। राज्य सरकार ने होमस्टे और हाउसबोट ऑपरेटरों के लिए नई लाइसेंसिंग नीति भी जारी की है।
हालांकि, बढ़ते पर्यटन से पर्यावरण पर दबाव बढ़ रहा है। मुन्नार और वायनाड में प्लास्टिक प्रदूषण और ट्रैफ़िक जाम की समस्या बढ़ी है। पर्यावरणविदों ने "ज़िम्मेदार पर्यटन" की माँग की है। सरकार ने कहा कि वह इको-टूरिज़्म को बढ़ावा देगी और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या सीमित करेगी।