पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक संकट एक साथ गहरा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पाकिस्तान को 7 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज देने से पहले कड़ी शर्तें रखी हैं, जिसमें बिजली-गैस की कीमतें बढ़ाना, टैक्स बेस बढ़ाना और सैन्य खर्च में कटौती शामिल है। पाकिस्तानी रुपया डॉलर के मुक़ाबले 310 के पार पहुँच गया है।
इस्लामाबाद में विपक्षी दलों ने सरकार के ख़िलाफ़ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया है। इमरान ख़ान की पार्टी PTI ने "लॉन्ग मार्च" की धमकी दी है। सेना प्रमुख जनरल ने कहा है कि सेना "राजनीतिक मामलों में तटस्थ" रहेगी, लेकिन विश्लेषकों को इस बयान पर भरोसा नहीं है। पिछले तीन महीनों में पाकिस्तान में मुद्रास्फीति 28% तक पहुँच गई है।
भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थिति शांत बताई जा रही है, लेकिन कश्मीर मुद्दे पर दोनों देशों के बीच तनातनी जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था अगले 6 महीने में और बिगड़ सकती है जिसका असर पूरे दक्षिण एशिया पर पड़ेगा। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह स्थिति पर नज़र रख रहा है।