भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन की अंतिम तैयारियाँ तेज़ कर दी हैं। क्रू एस्केप सिस्टम और क्रू मॉड्यूल का सफल परीक्षण श्रीहरिकोटा से किया गया। ISRO चीफ़ ने बताया कि 3 भारतीय वायुसेना के पायलट — ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन, अजित कृष्णन और अंगद प्रताप — को अंतरिक्ष यात्री के रूप में प्रशिक्षित किया गया है।
गगनयान मिशन में 3 अंतरिक्ष यात्री 400 किमी की कक्षा में 3 दिन बिताएंगे और फिर बंगाल की खाड़ी में सुरक्षित लैंडिंग करेंगे। यह मिशन भारत को अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बना देगा जिसने स्वतंत्र रूप से मानव अंतरिक्ष मिशन भेजा है। ₹12,000 करोड़ की लागत वाले इस मिशन की तैयारी 2018 से चल रही है।
इससे पहले ISRO चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता से पूरी दुनिया में चर्चा में रहा। गगनयान के बाद ISRO की योजना अंतरिक्ष स्टेशन बनाने और 2035 तक चंद्रमा पर भारतीय अंतरिक्ष यात्री भेजने की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि "गगनयान नए भारत की पहचान बनेगा।"