तमिलनाडु की राजनीति में एक नया तूफ़ान आ गया है — और उसका नाम है विजय। सुपरस्टार अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) ने होने वाले विधानसभा चुनाव में सभी 234 सीटों पर अकेले उम्मीदवार उतारने का फ़ैसला किया है। विजय ख़ुद दो सीटों — पेरंबूर और त्रिची ईस्ट — से चुनाव लड़ रहे हैं। 30 मार्च को नामांकन भरने के बाद से उनका प्रचार अभियान पूरे तमिलनाडु में तूफ़ान की तरह चल रहा है। तिरुनेलवेली और तूतीकोरिन में 8 अप्रैल को हुई रैलियों में भारी भीड़ उमड़ी।
विजय का निशाना दोनों बड़ी पार्टियों पर है — DMK और BJP। तिरुनेलवेली रैली में उन्होंने DMK पर तीखा हमला किया और कहा कि "DMK ने तमिलनाडु को ख़रीद लिया है, असली कांग्रेस मेरे साथ है।" TVK का घोषणापत्र युवाओं पर केंद्रित है — ड्रग-फ़्री राज्य, युवाओं को नौकरी गारंटी, छात्रों को बिना गारंटी शिक्षा और स्टार्टअप लोन, और मासिक वित्तीय सहायता। लेकिन चुनौतियाँ बड़ी हैं — चेन्नई में विल्लिवाक्कम और टी नगर में प्रचार की अनुमति नहीं मिलने की ख़बरें आई हैं।
TVK का सबसे दिलचस्प चुनावी हथियार है — विजय के हमशक्ल प्रचारक! ग्रामीण इलाक़ों में विजय जैसे दिखने वाले कार्यकर्ता प्रचार कर रहे हैं, भीड़ खींच रहे हैं और पार्टी की पहुँच बढ़ा रहे हैं। ये सिनेमाई अंदाज़ तमिलनाडु की राजनीति में पहले कभी नहीं देखा गया। लेकिन सवाल ये है — क्या फ़िल्मी लोकप्रियता वोट में बदलेगी? तमिलनाडु में एमजीआर, जयललिता और कमल हासन से पहले भी सिनेमा-टू-पॉलिटिक्स का रास्ता गुज़रा है। कमल हासन की MNM को हार मिली थी। क्या विजय उस इतिहास को बदल पाएंगे? 23 अप्रैल को तमिलनाडु जवाब देगा।